शिक्षकों की हड़ताल के बीच सोमवार से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हुई। कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए सख्ती बरती गई। पहले दिन विज्ञान की परीक्षा में राज्यभर से 50 परीक्षार्थी नकल के आरोप में निष्कासित किए गए। मंगलवार को गणित की परीक्षा होगी।
परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से परीक्षार्थियों पर नजर रखी जा रही थी। सबसे ज्यादा नालंदा जिले से 12 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया। वहीं गया जिले से एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया। प्रदेश भर में 1368 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 24 फरवरी तक चलने वाली परीक्षा में पहले दिन प्रथम पाली में सात लाख 74 हजार 415 और दूसरी पाली में सात लाख 54 हजार 978 परीक्षार्थी शामिल हुए।
आठ बजे से प्रवेश शुरू: परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को आठ बजे से प्रवेश मिलना शुरू हो गया। 9.20 बजे तक ही प्रवेश दिया गया। इसके बाद केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। ऐसे में देर से पहुंचने वाले कई परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई।
दस सेटों में था प्रश्नपत्र
कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र के दस सेट थे। सेट की संख्या के अनुसार परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र वितरित किए गए थे। एक बेंच पर दो परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था थी।
जिलावार निष्कासित
रोहतास 06 पटना 01 सीवान 01 नालंदा 12 भोजपुर 03 अरवल 02 प. चंपारण 02 सारण 03 मधुबनी 06 मुंगेर 01 जमुई 02 समस्तीपुर 02 सहरसा 02 वैशाली 02 लखीसराय 02 मधेपुरा 03










